किसानों की समस्याओं को लेकर किसान कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा
खाद-बीज संकट, डीजल उपलब्धता, बिजली दरों और धान भुगतान सहित कई मुद्दे उठाए
रायगढ़। छत्तीसगढ़ किसान कांग्रेस की जिला इकाई रायगढ़ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवानंद पटेल के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में खाद-बीज संकट, डीजल की उपलब्धता, कृषि बिजली दरों में वृद्धि, धान भुगतान, लंबित अनुदान और भूमि अधिग्रहण जैसे अहम मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है।
ज्ञापन कलेक्टर रायगढ़ के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया। संगठन का कहना है कि वर्तमान खरीफ सीजन में किसान अनेक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं हो पा रहा है।
किसानों को खाद, बीज और डीजल के लिए भटकना पड़ रहा
किसान कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा है कि जिले के छोटे और सीमांत किसान खाद, बीज और डीजल जैसी मूलभूत कृषि आवश्यकताओं के लिए लगातार परेशान हैं। किसानों को सोसायटियों और पेट्रोल पंपों में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जबकि उनकी आवश्यकता के अनुरूप सामग्री उपलब्ध नहीं हो रही है।
संगठन का आरोप है कि वर्तमान वितरण व्यवस्था किसानों के लिए व्यावहारिक नहीं है और इससे खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है।
एकमुश्त खाद वितरण और पर्याप्त उपलब्धता की मांग
ज्ञापन में सरकार द्वारा प्रति एकड़ खाद वितरण की सीमा तय किए जाने पर आपत्ति जताई गई है। किसान कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों को उनकी भूमि और फसल की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही वर्तमान में खाद को तीन किस्तों में देने की व्यवस्था को समाप्त कर एकमुश्त वितरण सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को बार-बार सोसायटियों के चक्कर न लगाने पड़ें।
डीजल आपूर्ति आसान बनाने की मांग
संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई है। ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों को जरीकेन या डिब्बे में डीजल देने पर लगी पाबंदी के कारण अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीजल आपूर्ति को सरल और सुगम बनाया जाए।
कृषि बिजली दरों में राहत और मुफ्त बिजली की मांग
ज्ञापन में कृषि कार्यों के लिए उपयोग होने वाली बिजली की बढ़ी हुई दरों को वापस लेने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि बिजली दरों में वृद्धि और ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित आपूर्ति के कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
किसानों को राहत देने के लिए कृषि पंपों हेतु मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है।
KCC ऋण सीमा बढ़ाने और धान भुगतान एकमुश्त करने की मांग
किसान कांग्रेस ने सहकारी समितियों के माध्यम से मिलने वाले कृषि ऋण (KCC) की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ करने की मांग की है।
इसके अलावा धान एवं अन्य कृषि उपज का भुगतान बोनस और बकाया राशि सहित एकमुश्त करने की मांग भी रखी गई है, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके और वे आगामी फसल की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें।
लंबित अनुदान और सब्सिडी का जल्द भुगतान हो
ज्ञापन में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और अन्य विभागों की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। किसान कांग्रेस ने कहा कि कई किसानों को अब तक अनुदान और सब्सिडी की राशि नहीं मिल पाई है।
संगठन ने लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने और वास्तविक किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की है।
भूमि रिकॉर्ड और भूमि अधिग्रहण के मुद्दे भी उठाए
किसान कांग्रेस ने ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड में डीएससी हस्ताक्षर स्वतः हट जाने की समस्या के समाधान की मांग की है। इसके साथ ही जिले में उद्योगों के लिए किसानों की भूमि के कथित जबरन अधिग्रहण पर रोक लगाने और किसानों की सहमति एवं उचित पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग
किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि किसानों से जुड़े सभी 11 बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। संगठन का कहना है कि प्रदेश के लाखों किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।



